卍 ॐ सिद्धा सतगुरू नमो नमः सिद्धा साई नमो नमःl दुलन प्यारे नमो नमः सब सुख दायी नमो नमःll 卍

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Wednesday, 18 October 2017

विभूति के चमत्कार

एक बार हरगाँव के राजा श्री प्रताप बहादुर सिंह एस.डी.एम. मुसाफिर खाना की अदालत में अपने मुकदमे की पैरवी में सुलतानपुर गये वे जब वहाँ पहुचे तो तारीख दे दी गयी पता चला कि एस.डी.एम. साहेब को लड़का बहुत सख्त बीमार है यह सुनकर जब राजा साहेब एस.डी.एम. साहेब के बगले पर पहुँचे तो वहाँ डाक्टरों की भीड़ लगी थी डाक्टर लोग बहुत ही परेषान नजर रहे क्योंकि बच्चे की हालत बहुत गम्भीर थी, जो काबू में नहीं रही थी राजा साहेब ने बच्चे को देखा और फिर एस.डी.एम. साहेब से बोले-यदि आप हमें आधा घण्टा का समय दे दें, तो आपका लड़का ठीक हो सकता है एस.डी.एम. साहेब ने इनकी बात मानकर मौका दिया राजा ने साहेब की विभूति अपने जेब से निकालकर लड़के के मुंह में डाल दी तथा लड़के को चादर से ढक दिया और किसी को पास जाने से मना कर दिया थोड़ी देर बाद वह बच्चा बिलकुल स्वस्थ हो गया एस.डी.एम. ने राजा से इस चमत्कारिक ढंग से बच्चा को ठीक हो जाने का कारण पूछा तो इन्होंने बाबा साहेब के बारे में बताया ऐसे चमत्कारिक सन्त के बारे में सुनकर एस.डी.एम. साहेब धाम हरगाँव आये

Tuesday, 17 October 2017

विभूति के चमत्कार

सतनामी परंपरा के अनुसार यहाँ पर भी विभूति एवं पोतना (एक वस्त्र जिससे समाधि की सफाई की जाती है) भक्तों को दिया जाता है। विभूति सबको दिया जाता है किन्तु पोतना निवेदन कर माँगने वालों को ही दिया जाता है। धाम पर आने वाळे बुजुर्गों महन्त परिवार से मिली जानकारी के अनुसार भक्त विभूति पोतने को अग्रलिखित रूप में प्रयोग करते है।
1.         बीमारी की अवस्था में विभूति माथे पर लगाना खिलाना
2.         पुरानी बीमारी होने पर विभूति एंव पोतना ताबीज मे डालकर पहनना।
3.         भूत प्रेत की आषंका होने पर तवीज मे विभूति एंव पोतना डालकर पहनना।
4.         बंध्या दोशो के लिये ताबीज मे डालकर पहनना।
5.         विद्यार्थी लोग भी इसी तरह पहनते है।
6.         झूठे मुकदमे, षिक्षा मे मेहनत के बावजूद असफलता, नौकरी पाने या दुर्भागय के विनाष,                  दरिद्रता के विनाष के लिये लोग विभूति एंव पोतना धारण करते है
7.         किसान लोगो मे भी ऐसी मान्यता है कि बुवाई के समय वीजों मे थोडी विभूति मिला देने से खेत मे अधिक अनाज होता है। और रोग कीडे नही लगते।
8.         किसान पषुओं को भी रोग आदि से बचाने के लिये विभूति पहनाते है।
9.         कलह कारी दाम्पत्य जीवन से बचने के लिये भी महिलाये गले मे विभूति धारण करती है।
ये परंपरा संभवता साहेब के समय से ही चली रही है तथा इस लेख का तात्पर्य श्रद्धालु भक्तो को सत्य से अवगत कराकर लाभान्वित करने के उद्वेष्य से है कोई अभक्त नास्तिक इसे अन्य अर्थ में लेते हैं तो साहेब उन्हे क्षमा करें।
            साहेब,सतनाम,कोटि -2 बन्दगी
जिन ढूंढा तिन पाइंया, गहरे पानी पैठि, मै बपुरा बूडन डरा, रहा किनारे बैठि।।